Nipah Virus Kerala 2025 – ताज़ा हालात, केस अपडेट और बचाव के उपाय
Kerala में Nipah Virus का नया प्रकोप
17 मई से 12 जुलाई 2025 के बीच, Kerala सरकार ने आधिकारिक रिपोर्ट्स के ज़रिए पुष्टि की है कि Nipah Virus (NiV) से चार लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है।
ये मामले Malappuram और Palakkad जिलों से सामने आए हैं। Palakkad में यह पहला दर्ज किया गया Nipah outbreak है।
NiV एक गंभीर bat-borne zoonotic infection है, जो इंसानों तक मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों, सूअरों, दूषित खाने या दुर्लभ मामलों में संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क से पहुँचता है।
1998 से अब तक यह वायरस कई देशों में पाया गया है, जैसे India, Bangladesh, Malaysia, Philippines, और Singapore। भारत में इसका पहला प्रकोप 2001 में West Bengal में दर्ज हुआ, लेकिन 2018 के बाद से Kerala में यह नियमित रूप से लौटता रहा है।
नए मामलों का ब्यौरा
कुल चार मरीज –
- पहला मामला: Malappuram की एक महिला, 25 अप्रैल को लक्षण शुरू हुए। हालत बिगड़ने पर ICU में भर्ती हुईं और बाद में NiV पॉज़िटिव पाई गईं।
- दूसरा मामला: उसी ज़िले की दूसरी महिला, 23 जून को बीमार हुईं और 1 जुलाई को निधन हो गया।
- तीसरा मामला: Palakkad की एक महिला, 25 जून को symptoms आए, फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
- चौथा मामला: Palakkad के एक पुरुष, 6 जुलाई को बीमार पड़े, 12 जुलाई को मौत हो गई।
चारों केस आपस में जुड़े नहीं माने जा रहे, जिससे लगता है कि यह अलग-अलग spillover events के कारण हुआ है। प्रभावित इलाकों में fruit bats की बड़ी संख्या पाई गई है, जो इस वायरस के मुख्य प्राकृतिक स्रोत हैं।
Nipah Virus के बारे में ज़रूरी बातें
- Natural Host: Fruit bats (Pteropus species)
- Transmission: संक्रमित जानवर, दूषित फल या खाने के ज़रिए, और कभी-कभी इंसान से इंसान में।
- Incubation Period: आमतौर पर 4–14 दिन, लेकिन कभी-कभी 45 दिन तक।
- Symptoms: बुखार, सांस लेने में तकलीफ़, और गंभीर मामलों में encephalitis (दिमाग़ में सूजन)।
- Fatality Rate: अलग-अलग देशों में 40% से 100% तक।

Kerala का Response
- स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और preventive protocol को सख्ती से लागू किया।
- 723 लोगों को contact tracing में पहचाना गया, जिनमें से ज़्यादातर Palakkad और Malappuram के हैं।
- Route maps जारी कर public को संभावित exposure के बारे में सतर्क किया गया।
- Hospitals को alert मोड पर रखा गया, खासकर suspected cases को तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए।
- WHO और National Centre for Disease Control मिलकर high-risk pathogens के लिए training और capacity building पर काम कर रहे हैं।
बचाव के तरीके (WHO Advice)
- फल और खाने को अच्छे से धोकर और छीलकर खाएँ।
- चमगादड़ों द्वारा काटे या खाए गए फलों से बचें।
- संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क से दूर रहें और हाथ धोते रहें।
- Hospitals में proper infection control precautions अपनाएँ।
निष्कर्ष
Kerala में NiV के मामले नई बात नहीं हैं, लेकिन Palakkad में पहला outbreak चिंता का संकेत है। बिना vaccine या approved treatment के, बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है। Awareness, early detection और supportive care से इस वायरस के असर को कम किया जा सकता है।
Disclaimer
इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी आधिकारिक प्रेस रिलीज़ और सरकारी/स्वास्थ्य संगठनों के बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जन जागरूकता और जानकारी प्रदान करना है। इसमें किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को बदनाम करने का कोई इरादा नहीं है। चिकित्सा संबंधी किसी भी निर्णय से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
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